कृ. 11 अप्रेल से चैत्र के नवरात्रे व नव संवत/वर्ष प्रतिपदा, गुडी पड़वा आदि के शुभ अवसर पर घर घर सजाएँ। अंग्रेजी का नव वर्ष भले हो मनाया, उमंग उत्साह चाहे हो जितना दिखाया। विक्रमी संवत बढ़ चढ़ के मनाएं, चैत्र के नवरात्रे जब जब आयें। घर घर सजाएँ उमंग के दीपक जलाएं; खुशियों से ब्रहमांड तक को महकाएं। यह केवल एक कैलेंडर नहीं, प्रकृति से सम्बन्ध है। इसी दिन हुआ सृष्टि का आरंभ है। - तिलक

No comments:
Post a Comment