बिकाऊ मीडिया -व हमारा भविष्य

: : : क्या आप मानते हैं कि अपराध का महिमामंडन करते अश्लील, नकारात्मक 40 पृष्ठ के रद्दी समाचार; जिन्हे शीर्षक देख रद्दी में डाला जाता है। हमारी सोच, पठनीयता, चरित्र, चिंतन सहित भविष्य को नकारात्मकता देते हैं। फिर उसे केवल इसलिए लिया जाये, कि 40 पृष्ठ की रद्दी से क्रय मूल्य निकल आयेगा ? कभी इसका विचार किया है कि यह सब इस देश या हमारा अपना भविष्य रद्दी करता है? इसका एक ही विकल्प -सार्थक, सटीक, सुघड़, सुस्पष्ट व सकारात्मक राष्ट्रवादी मीडिया, YDMS, आइयें, इस के लिये संकल्प लें: शर्मनिरपेक्ष मैकालेवादी बिकाऊ मीडिया द्वारा समाज को भटकने से रोकें; जागते रहो, जगाते रहो।।: : नकारात्मक मीडिया के सकारात्मक विकल्प का सार्थक संकल्प - (विविध विषयों के 28 ब्लाग, 5 चेनल व अन्य सूत्र) की एक वैश्विक पहचान है। आप चाहें तो आप भी बन सकते हैं, इसके समर्थक, योगदानकर्ता, प्रचारक,Be a member -Supporter, contributor, promotional Team, युगदर्पण मीडिया समूह संपादक - तिलक.धन्यवाद YDMS. 9911111611: :

Wednesday, October 15, 2014

भारतीय नौवहन उपग्रह 'IRNSS 1सी' सफलतापूर्वक प्रक्षेपित

Photo: Congrats to the scientists at ISRO for the successful launch of navigation satellite IRNSS 1C. It is a matter of immense pride & joy.
भारतीय नौवहन उपग्रह 'IRNSS 1सी' सफलतापूर्वक प्रक्षेपित भारत ने आज सफलतापूर्वक इसरो के पीएसएलवी सी 26 के द्वारा आईआरएनएसएस उपग्रह को प्रक्षेपित कर दिया। उपग्रह को पूर्व निर्धारित समयानुसार तड़के एक बजकर 32 मिनट पर प्रक्षेपित किया गया। 'वैश्विक स्थिति निर्धारण प्रणाली' के 
सात उपग्रहों की श्रृंखला में से तीसरा उपग्रह है। नौवहन स्वावलम्बन हेतु 4 उपग्रह आवश्यक हैं। इसकी विस्तृत जानकारी 3 दिन पूर्व 'उलटी गणना' http://antarikshadarpan.blogspot.in/2014/10/blog-post.html हम दे ही चुके है। 
प्रक्षेपण का वीडिओ हमारे दूरदर्पण चैनल के अंतरिक्ष दर्पण 'playlist' से यहाँ संलग्न है- 
https://www.youtube.com/watch?v=Oc-DCCwrNjU&index=21&list=PLD8A212A480412E57 
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सबसे आकर्षक ब्लॉग. ग्रह, उपग्रह, और ब्रह्माण्ड विज्ञान के बारे में.

Monday, October 13, 2014

नौवहन के उपग्रह प्रक्षेपण की उल्टी गणना

नौवहन 'IRNSS' के उपग्रह के प्रक्षेपण की उल्टी गणना आरम्भ 
भारत के नौवहन उपग्रह आईआरएनएसएस 1 सी के प्रक्षेपण की श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र में प्रात: छह बजकर 32 मिनट पर आज प्रात: छह बजकर 32 मिनट पर उल्टी गणना आरम्भ हो गई। यह अमेरिका के 'ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम' की भाँति 'वैश्विक स्थिति निर्धारण प्रणाली' के सात उपग्रहों की श्रृंखला में से तीसरा उपग्रह है। इसे पीएसएलवी सी 26 के माध्यम प्रक्षेपित किया जाएगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बताया कि प्रक्षेपण प्राधिकार बोर्ड (एलएबी) से रविवार को इस निमित्त स्वीकृति मिल चुकी है। https://www.youtube.com/watch?v=3LtlhrBeMmw&list=PLD8A212A480412E57&index=20 
अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार उपग्रह के प्रक्षेपण के लिए 67 घंटे की उल्टी गणना अबाध गति से जारी है। भारतीय समयानुसार 16 अक्तूबर को तड़के एक बजकर 32 मिनट पर उपग्रह का प्रक्षेपण निर्धारित है। पूर्व में इसे 10 अक्तूबर को प्रक्षेपित किया जाना था, किन्तु तकनीकी दोष के चलते इसे स्थगित कर दिया गया। प्रक्षेपण के समय 1,425 किलोग्राम भार वाले आईआरएनएसएस 1 सी को 'उप भू-तुल्यकालिक स्थानांतरण कक्षा' 'सब जीओसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट' (सब जीटीओ) में स्थापित किया जाएगा। अमेरिका के 'वैश्विक स्थिति निर्धारण प्रणाली' (GPS) की भांति ही क्षेत्रीय नौवहन प्रणाली स्थापित करने की आकांक्षाओं के तहत, इसरो की योजना भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली (आईआरएनएसएस) में सात उपग्रह भेजने की है। 
श्रृंखला के पहले दो उपग्रह आईआरएनएसएस 1ए और और आईआरएनएसएस 1 बी हैं, जो क्रमश: एक जुलाई 2013 और इस वर्ष चार अप्रैल को श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपित किए गए थे। इसरो के अधिकारियों ने कहा कि आईआरएनएसएस के अभियान को आरम्भ करने के लिए सात उपग्रहों में से इसरो को कम से कम चार को प्रक्षेपित करने की आवश्यकता है। भारत द्वारा विकसित किया जा रहा आईआरएनएसएस देश में और क्षेत्र में सटीक स्थिति सूचना सेवा उपलब्ध कराएगा। इसका क्षेत्र इसकी सीमा रेखा से 1,500 किलोमीटर परे तक विस्तारित होगा, जो प्राथमिक सेवा क्षेत्र है। आईआरएनएसएस अमेरिका के ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम, रूस के ग्लोनास और यूरोप के गैलिलियो की भांति ही है। चीन और जापान के पास भी इसी तरह की प्रणाली ‘बेईदू’ और ‘कासी जेनिथ’ हैं। 
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